माँ कात्यायनी की महिमा: जानिए क्यों इनकी पूजा से खुलता है विवाह योग | Maa Katyayani kee mahima: jaanie kyon inakee pooja se khulata hai vivaah yog

माँ कात्यायनी की महिमा: जानिए क्यों इनकी पूजा से खुलता है विवाह योग

माँ कात्यायनी नवदुर्गा के छठे स्वरूप हैं, जो शक्ति, साहस और शत्रुओं पर विजय की प्रतीक मानी जाती हैं। देवी कात्यायनी की उपासना से व्यक्ति को आत्मबल, सुख-समृद्धि और सभी कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है। विशेष रूप से, अविवाहित कन्याओं के लिए इनकी पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है, क्योंकि यह विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने में सहायक होती है।

माँ कात्यायनी की महिमा

  • शक्ति और साहस की देवी

माँ कात्यायनी को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। उनकी उपासना करने से व्यक्ति को निडरता और आत्मविश्वास प्राप्त होता है।

  • शत्रुओं का नाश

वे अपने भक्तों के सभी प्रकार के शत्रुओं का नाश करती हैं, चाहे वे बाहरी हों या आंतरिक। उनकी कृपा से व्यक्ति के जीवन से सभी बाधाएँ दूर होती हैं।

  • विवाह में सफलता

माँ कात्यायनी की कृपा से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी प्राप्त होने के योग बनते हैं। यह कारण है कि कुंवारी कन्याएँ विशेष रूप से इनकी पूजा करती हैं।

  • मोक्ष की प्राप्ति

माँ कात्यायनी की पूजा से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उनकी कृपा से साधक सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर आत्मज्ञान की ओर अग्रसर होता है।

  • रोग, शोक और भय का नाश

देवी कात्यायनी की आराधना से व्यक्ति के जीवन से सभी प्रकार के रोग, शोक, संताप और भय समाप्त हो जाते हैं। उनके भक्तों को मानसिक शांति और सुख की प्राप्ति होती है।

  • ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी

माँ कात्यायनी ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी भी मानी जाती हैं। श्रीकृष्ण को पति रूप में प्राप्त करने के लिए गोपियों ने यमुना नदी के तट पर माँ कात्यायनी की आराधना की थी।

माँ कात्यायनी की पूजा विधि

चैत्र नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है।

  1. स्नान और वस्त्र: स्नान कर पीले या लाल वस्त्र धारण करें।

  2. पूजा स्थल की सफाई: पूजन स्थल को स्वच्छ रखें।

  3. कलश स्थापना: पूजा में कलश की स्थापना करें।

  4. ध्यान और आह्वान: माँ कात्यायनी का ध्यान करें और उन्हें पुष्प अर्पित करें।

  5. अक्षत, कुमकुम, पुष्प और श्रृंगार: देवी को अक्षत, कुमकुम, पुष्प और सोलह श्रृंगार अर्पित करें।

  6. भोग: माँ को शहद, मिठाई और फल का भोग लगाएं।

  7. मंत्र और आरती: दुर्गा चालीसा, सप्तशती का पाठ करें और आरती करें।

माँ कात्यायनी का विशेष मंत्र

"ॐ देवी कात्यायन्यै नमः"

माँ कात्यायनी को प्रिय वस्तुएँ

  1. शहद: माँ कात्यायनी को शहद बहुत प्रिय है, इसलिए पूजा में इसे अवश्य अर्पित करें।

  2. तगर पुष्प: तगर पुष्प देवी को अर्पित करना शुभ माना जाता है।

  3. पीले वस्त्र और फूल: माँ को पीले रंग के वस्त्र और पुष्प चढ़ाना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

माँ कात्यायनी की पूजा से जीवन की सभी समस्याएँ दूर होती हैं। विशेष रूप से विवाह में आ रही बाधाओं को समाप्त करने के लिए इनकी उपासना अत्यंत फलदायी मानी जाती है। जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से माँ कात्यायनी की पूजा करता है, उसे अवश्य मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

टिप्पणियाँ