माँ कात्यायनी के विशेष उपासना मंत्र, जो हर इच्छा करेंगे पूरी | Maa Katyayani ke vishesh upaasana mantr, jo har ichchha karenge pooree

माँ कात्यायनी के विशेष उपासना मंत्र, जो हर इच्छा करेंगे पूरी 

नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। देवी कात्यायनी का व्रत विशेष रूप से विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए किया जाता है। साथ ही, माँ कात्यायनी के मंत्रों का जाप करने से जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी समृद्धि और सफलता मिलती है। यदि आप सच्चे मन से इन मंत्रों का जाप करते हैं, तो आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है। माँ कात्यायनी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष मंत्र हैं, जिनका जाप हर भक्त को सुख, शांति, और मनोवांछित फल प्राप्त करने में मदद करता है।

आइए जानें माँ कात्यायनी के कुछ विशेष उपासना मंत्रों के बारे में:

1. ध्यान मंत्र (Dhyan Mantra):

"वन्दे वाञ्छित मनोरथार्थ चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
सिंहारूढा चतुर्भुजा कात्यायनी यशस्विनीम्॥"

यह मंत्र माँ कात्यायनी के ध्यान के लिए है। इसे जाप करने से भक्त को देवी का दर्शन प्राप्त होता है और उनकी सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं। इस मंत्र में माँ कात्यायनी के दिव्य रूप का वर्णन किया गया है, जिसमें उनकी चार भुजाएँ और सिंह पर सवार होना दर्शाया गया है।

2. बीज मंत्र (Bij Mantra):

"क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नमः"

यह बीज मंत्र माँ कात्यायनी के त्रिनेत्र रूप को ध्यान में रखते हुए जाप किया जाता है। इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है, साथ ही आध्यात्मिक उन्नति होती है। यह मंत्र व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ता है और उसे प्रगति की ओर ले जाता है।

3. विवाह हेतु विशेष मंत्र (Marriage Mantra):

"कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः॥"

यह मंत्र विशेष रूप से विवाह के इच्छुक व्यक्तियों के लिए है। इसे जाप करने से योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। माँ कात्यायनी की उपासना से विवाह में आ रही समस्याएँ दूर होती हैं और मनोवांछित वर मिलता है।

4. सर्व इच्छाओं की पूर्ति हेतु मंत्र (For Fulfillment of Desires):

"या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

यह मंत्र माँ कात्यायनी के सर्वशक्तिमान रूप की स्तुति करता है। इसका जाप करने से जीवन में आ रही सभी कठिनाईयाँ दूर होती हैं और इच्छाएँ शीघ्र पूरी होती हैं। यह मंत्र विशेष रूप से मानसिक शांति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए उपयुक्त है।

5. शत्रु नाश हेतु मंत्र (For Destruction of Enemies):

"चन्द्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥"

यह मंत्र शत्रुओं से मुक्ति प्राप्त करने के लिए है। इसके जाप से न केवल शत्रु हार जाते हैं, बल्कि जीवन में आ रही विघ्न-बाधाएँ भी दूर हो जाती हैं। यदि आप अपने शत्रुओं से परेशान हैं या कोई समस्या सुलझ नहीं रही, तो इस मंत्र का जाप करें।

माँ कात्यायनी पूजा विधि (Worship Method):

  1. वस्त्र: पूजा के समय पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनें। इन रंगों को माँ कात्यायनी के लिए विशेष शुभ माना जाता है।

  2. शहद अर्पित करें: माँ कात्यायनी को शहद अर्पित करें, क्योंकि यह उनके प्रिय भोगों में से एक है। इसके अलावा, देवी को पीले फूल अर्पित करना भी शुभ होता है।

  3. मंत्र जाप: ऊपर बताए गए मंत्रों का जाप करें। विशेष रूप से "ॐ देवी कात्यायन्यै नमः" और "कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी" मंत्र का जाप करें।

  4. प्रार्थना: माँ कात्यायनी के सामने बैठकर सच्चे मन से अपनी इच्छाएँ व्यक्त करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

निष्कर्ष:

माँ कात्यायनी के मंत्रों का जाप सच्चे मन से किया जाए, तो जीवन में समृद्धि, सफलता और सुख-शांति की कोई कमी नहीं रहती। विशेष रूप से विवाह में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए इन मंत्रों का जाप अत्यंत प्रभावी है। यह न केवल आपकी इच्छाएँ पूरी करता है, बल्कि आपके जीवन को सकारात्मक दिशा भी प्रदान करता है।

हर दिन माँ कात्यायनी के मंत्रों का जाप करें, उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आएगी। माँ कात्यायनी का आशीर्वाद प्राप्त करने से आपके समस्त दुख समाप्त होंगे और जीवन में हर तरह का सुख प्राप्त होगा।

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