माँ कात्यायनी के पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि - जानिए संपूर्ण जानकारी | Maa Katyayani ke poojan ka shubh muhoort aur vidhi - jaanie sampoorn jaanakaaree

माँ कात्यायनी के पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि - जानिए संपूर्ण जानकारी

माँ कात्यायनी नवदुर्गा का छठा स्वरूप हैं और नवरात्रि के छठे दिन इनकी पूजा की जाती है। इनकी उपासना से भक्तों को शक्ति, साहस, शत्रुओं पर विजय, शीघ्र विवाह और सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। इस लेख में हम माँ कात्यायनी के पूजन विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।

माँ कात्यायनी की पूजा का महत्व

  1. विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

  2. शत्रुओं का नाश होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

  3. रोग, भय और दरिद्रता का नाश होता है।

  4. भक्त को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष प्राप्त होता है।


माँ कात्यायनी पूजन विधि

1. पूजन की तैयारी
  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।

  • माँ कात्यायनी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें।

  • कलश स्थापना कर गणेश जी का ध्यान करें।

2. पूजन की विधि
  • माँ को पीले वस्त्र, फूल, फल, और शहद अर्पित करें।

  • कुमकुम, अक्षत, सिंदूर, और सुगंधित चंदन अर्पित करें।

  • दीपक और धूप जलाकर माँ की स्तुति करें।

  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और माँ कात्यायनी के विशेष मंत्रों का जाप करें।

  • माँ कात्यायनी की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

3. विशेष भोग
  • माँ कात्यायनी को शहद का भोग विशेष रूप से प्रिय है।

  • मीठे पान और तगर के पुष्प अर्पण करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

  • गोधूलि वेला में पूजा करना भी शुभ माना जाता है।


माँ कात्यायनी के पूजन का शुभ मुहूर्त (चैत्र नवरात्रि 2025)

तिथि एवं पूजित देवता
  • दिनांक: गुरुवार, 3 अप्रैल 2025

  • देवी: माँ कात्यायनी (दुर्गा का छठा रूप)

  • अन्य व्रत: यमुना छठ

शुभ मुहूर्त
  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:30 – प्रातः 05:15

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:55 – दोपहर 12:45

  • अमृत कालम्: प्रातः 07:20 – प्रातः 09:05

  • रवि योग: प्रातः 05:45 – प्रातः 07:30

(शुभ मुहूर्त स्थान के अनुसार बदल सकते हैं, अधिक सटीक समय के लिए अपने क्षेत्रीय पंचांग की जाँच करें।)


माँ कात्यायनी के विशेष मंत्र

  • मूल मंत्र: "ॐ देवी कात्यायन्यै नमः"
  • स्तोत्र मंत्र: "या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"


निष्कर्ष

माँ कात्यायनी की पूजा से न केवल सभी संकटों से मुक्ति मिलती है, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति भी होती है। यदि आप विवाह में बाधाओं का सामना कर रहे हैं या किसी अन्य परेशानी से गुजर रहे हैं, तो माँ कात्यायनी की विधिवत पूजा अवश्य करें।

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