माँ कालरात्रि की आराधना से मिलेगा महालक्ष्मी का आशीर्वाद, नवरात्रि में ज़रूर करें पूजा | Maa Kalratri kee aaraadhana se milega mahaalakshmee ka aasheervaad, navaraatri mein zaroor karen pooja
माँ कालरात्रि की आराधना से मिलेगा महालक्ष्मी का आशीर्वाद, नवरात्रि में ज़रूर करें पूजा
नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की आराधना करने से भक्तों को सुख, समृद्धि और महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है, क्योंकि माँ कालरात्रि भक्तों की काल से रक्षा करती हैं और दुष्टों का संहार करती हैं।
माँ कालरात्रि का महत्व
काल से रक्षा: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ कालरात्रि भक्तों की काल से रक्षा करती हैं और सभी तरह के संकटों से मुक्ति दिलाती हैं।
दुष्टों का संहार: माँ कालरात्रि दुष्टों और शत्रुओं का संहार करने वाली हैं, इसलिए उनकी आराधना से भय और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
सुख-समृद्धि: माँ कालरात्रि की कृपा से भक्तों को सुख, समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
महालक्ष्मी का आशीर्वाद: माँ कालरात्रि की आराधना से महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है, क्योंकि वे दोनों शक्ति और धन की देवी हैं।
पूजा विधि
पूजा का समय: नवरात्रि के सातवें दिन, विशेष रूप से रात्रि में, माँ कालरात्रि की पूजा करने से सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
भोग: माँ कालरात्रि को गुड़, गुड़ की खीर या गुड़ से बनी चीज का भोग लगाना चाहिए।
मंत्र जप:
"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे"
शुभ रंग: नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर श्वेत या लाल वस्त्र धारण करके रात्रि में माँ कालरात्रि की पूजा करें।
माँ कालरात्रि की कृपा प्राप्त करने के उपाय
माँ कालरात्रि का ध्यान और स्तुति करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।
उनकी पूजा के दौरान नीले रंग का उपयोग करना शुभ माना जाता है।
माँ को अपराजिता का फूल अर्पित करें और रात्रि में दीप जलाकर आरती करें।
माँ कालरात्रि की उपासना से महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में धन, समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है। नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर माँ कालरात्रि की पूजा अवश्य करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
टिप्पणियाँ