चैत्र नवरात्रि में माँ कात्यायनी की पूजा से मिलेगा हर संकट का समाधान | Chaitra Navratri Mein Maa Katyayani kee pooja se milega har sankat ka samaadhaan

चैत्र नवरात्रि में माँ कात्यायनी की पूजा से मिलेगा हर संकट का समाधान

चैत्र नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की आराधना का विशेष महत्व होता है। देवी कात्यायनी को शक्ति और पराक्रम की देवी माना जाता है। उनकी पूजा करने से विवाह संबंधी समस्याएँ, शत्रुओं से मुक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है। आइए जानते हैं माँ कात्यायनी की पूजा का महत्व, पूजा विधि और विशेष मंत्र।

माँ कात्यायनी की पूजा का महत्व

  1. विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान

    • माँ कात्यायनी की कृपा से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं।

    • योग्य वर अथवा वधू प्राप्ति की संभावना बढ़ जाती है।

  2. सकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं का नाश

    • इनकी पूजा से साधक की कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है।

    • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।

  3. स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से मुक्ति

    • माँ कात्यायनी की कृपा से रोग और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है।

  4. मनोवांछित फल की प्राप्ति

    • विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

माँ कात्यायनी की पूजा विधि

  1. स्नान और वस्त्र
    • प्रातःकाल स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें।

  2. पूजा स्थल की सफाई
    • पूजा स्थल को स्वच्छ करें और माँ की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें।

  3. कलश स्थापना

    • शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना करें।

  4. ध्यान और आह्वान
    • हाथ में पुष्प लेकर माँ दुर्गा और माँ कात्यायनी का ध्यान करें।

    • पुष्प माँ के चरणों में अर्पित करें।

  5. अक्षत, कुमकुम, पुष्प और श्रृंगार
    • माँ को अक्षत, कुमकुम, तगर के पुष्प और सोलह श्रृंगार अर्पित करें।

  6. भोग अर्पण
    • माँ कात्यायनी को शहद, मिठाई, फल आदि का भोग लगाएं।

  7. मंत्र और आरती
    • दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

    • माँ कात्यायनी की आरती करें और देवी जागरण, भजन-कीर्तन करें।

विशेष मंत्र

"या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

माँ कात्यायनी को प्रिय वस्तुएँ

  • शहद: देवी को शहद अत्यंत प्रिय है, इसलिए पूजा में इसका अर्पण अवश्य करें।

  • तगर पुष्प: नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी को तगर के पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

  • पीला रंग: पीले वस्त्र, फूल और नैवेद्य अर्पित करने से माँ कात्यायनी प्रसन्न होती हैं।

निष्कर्ष

माँ कात्यायनी की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। विशेष रूप से विवाह, शत्रु बाधा और स्वास्थ्य समस्याओं से निजात पाने के लिए इस दिन माँ की आराधना अवश्य करनी चाहिए। यदि विधि-विधान से पूजा की जाए तो देवी की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

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