चैत्र नवरात्रि में माँ कालरात्रि की पूजा क्यों है सबसे ज़रूरी? जानिए रहस्य | Chaitra Navratri Mein Maa Kalaratri kee pooja kyon hai sabase zarooree? jaanie rahasy |

चैत्र नवरात्रि में माँ कालरात्रि की पूजा क्यों है सबसे ज़रूरी? जानिए रहस्य

चैत्र नवरात्रि में माँ कालरात्रि की पूजा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि वे देवी दुर्गा का उग्र और शक्तिशाली रूप हैं। माँ कालरात्रि अंधकार और बुराई का नाश करने वाली देवी हैं और भक्तों को साहस, शक्ति एवं नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा प्रदान करती हैं।

माँ कालरात्रि की पूजा का महत्व

माँ कालरात्रि की पूजा इसलिए भी आवश्यक मानी जाती है क्योंकि वे दुष्टों का नाश करने वाली, भय को दूर करने वाली और अकाल मृत्यु से रक्षा करने वाली देवी हैं। उनकी कृपा से सभी प्रकार के भय और कष्ट दूर होते हैं।

माँ कालरात्रि की विशेषताएँ

  1. शक्ति और साहस का प्रतीक – माँ कालरात्रि को भय और अंधकार का नाश करने वाली देवी माना जाता है, जो अपने भक्तों को अदम्य साहस और शक्ति प्रदान करती हैं।

  2. शत्रुओं का नाश – माँ कालरात्रि दुष्टों और शत्रुओं का नाश करने वाली देवी हैं। उनकी पूजा करने से भय और संकटों से मुक्ति मिलती है।

  3. नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा – माँ कालरात्रि नकारात्मक ऊर्जाओं और बुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं।

  4. शुभ फल की प्राप्ति – उनकी पूजा करने से भक्तों को शुभ फल की प्राप्ति होती है और सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

  5. अज्ञानता का अंत – माँ कालरात्रि अज्ञानता के अंत और बुराई पर प्रकाश की विजय का प्रतीक हैं।

  6. अकाल मृत्यु से मुक्ति – जो भक्त माँ कालरात्रि की पूजा करता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।

  7. शनि दोष का निवारण – कुछ मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से माँ कालरात्रि की पूजा करने से कुंडली में शनि दोष समाप्त हो जाता है।

  8. माँ कालरात्रि ‘शुभंकरी’ – माँ कालरात्रि को ‘शुभंकरी’ के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है ‘शुभ करने वाली’।

  9. कालरात्रि का स्वरूप – देवी कालरात्रि का नाम उनके कृष्ण वर्ण (गहरे रंग) के कारण पड़ा। वे दुष्टों, राक्षसों और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली हैं।

  10. भय और कष्टों का निवारण – इनके नाम के स्मरण मात्र से ही भूत, प्रेत, राक्षस और सभी नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं।

  11. ग्रह बाधाओं से मुक्ति – माँ कालरात्रि ग्रह बाधाओं को भी दूर करने वाली देवी हैं।

  12. रोगों से मुक्ति – माँ कालरात्रि की कृपा से भक्तों को भय, दुर्घटना और रोगों से मुक्ति मिलती है।

  13. नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा – माँ कालरात्रि की पूजा से नकारात्मक ऊर्जा का असर भक्तों पर नहीं होता।

माँ कालरात्रि की पूजा विधि

  • माँ कालरात्रि की पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • माँ कालरात्रि की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाएं और लाल पुष्प अर्पित करें।

  • गुड़ और धूप अर्पित करें, क्योंकि यह माँ कालरात्रि को अत्यंत प्रिय है।

  • माता के मंत्र का जाप करें और अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करें।

माँ कालरात्रि मंत्र

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्रि देवी नमः”

इस मंत्र का जाप करने से सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

निष्कर्ष

माँ कालरात्रि की पूजा करने से भक्तों को शक्ति, साहस और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा मिलती है। वे अपने भक्तों को अकाल मृत्यु, शत्रु भय, ग्रह बाधाओं और रोगों से बचाती हैं। इसलिए चैत्र नवरात्रि में माँ कालरात्रि की पूजा अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।

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