चैत्र नवरात्रि: इस विधि से करें माँ कात्यायनी की पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना | Chaitra Navratri: is vidhi se karen Maa Katyayani kee pooja, pooree hogee har manokaamana
चैत्र नवरात्रि: इस विधि से करें माँ कात्यायनी की पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना
चैत्र नवरात्रि का छठा दिन विशेष रूप से माँ कात्यायनी की पूजा का होता है। इस दिन विशेष रूप से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, खासकर विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। इस दिन माँ कात्यायनी के आशीर्वाद से भक्तों को सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि इस दिन माँ कात्यायनी की पूजा किस विधि से करें ताकि हर इच्छा पूरी हो और जीवन में शांति बनी रहे।
माँ कात्यायनी पूजा विधि:
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पूजा शुरू करने से पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
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पूजा स्थल को शुद्ध करने के लिए गंगाजल से पवित्र करें।
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इस दिन पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनना विशेष रूप से शुभ होता है, क्योंकि ये रंग माँ कात्यायनी को प्रिय हैं।
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पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें और उसकी पूजा करें।
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कलश को शुद्ध जल, चावल और फूलों से भरें, और उसकी पूजा करें।
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पूजा स्थल पर दीपक और धूप जलाएं, जिससे वातावरण शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे।
माँ कात्यायनी की पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री अर्पित करें:
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रोली, अक्षत (चावलों का मिश्रण), कुमकुम, हल्दी, सिंदूर, पीले फूल, फल, शहद, बताशे और मिठाई।
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शहद अर्पित करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि माँ कात्यायनी को शहद अत्यधिक प्रिय है।
माँ कात्यायनी के मंत्रों का जाप करना आवश्यक है। आप निम्नलिखित मंत्रों का जाप कर सकते हैं:
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"ॐ कात्यायन्यै नमः"
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"या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः"
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इन मंत्रों का जाप करते हुए मानसिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त करें।
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पूजा के बाद माँ कात्यायनी की आरती अवश्य करें।
माँ कात्यायनी को शहद का भोग अर्पित करें, क्योंकि यह उन्हें अत्यंत प्रिय है। आप मिठाइयाँ और फल भी अर्पित कर सकते हैं।
माँ कात्यायनी की पूजा से विशेष रूप से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और विवाह योग खुलता है। इसके अलावा, उनकी पूजा से अन्य सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। विशेष रूप से, शीघ्र विवाह और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए माँ कात्यायनी की पूजा अत्यधिक लाभकारी होती है।
माँ कात्यायनी को शहद अर्पित करना इस पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अतिरिक्त, पूजा शुरू करने से पहले संकल्प लें और पूजा के बाद भगवान से क्षमा प्रार्थना करें। यह पूजा केवल मानसिक शांति देने के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी एक माध्यम है।
नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा करने से समस्त पाप नष्ट होते हैं और भक्तों को रोग, शोक, संताप और भय से मुक्ति मिलती है। इस दिन विशेष रूप से जो भक्त पूजा करते हैं, उन्हें जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
निष्कर्ष:
माँ कात्यायनी की पूजा से भक्तों के जीवन में आने वाली सभी बाधाएँ दूर होती हैं, और उनकी कृपा से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। नवरात्रि के छठे दिन विशेष रूप से माँ कात्यायनी की पूजा करें और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को संपूर्ण और खुशहाल बनाएं।
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