माँ कालरात्रि पूजा 2025: इन चमत्कारी मंत्रों से मिलेगी हर संकट से मुक्ति | Maa Kalratri Puja 2025: in chamatkaaree mantron se milegee har sankat se mukti

माँ कालरात्रि पूजा इन चमत्कारी मंत्रों से मिलेगी हर संकट से मुक्ति

माँ कालरात्रि, जिन्हें भय और रोगों से मुक्ति देने वाली देवी माना जाता है, की उपासना करने से जीवन के समस्त संकटों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि का संचार होता है। नवरात्रि के सातवें दिन विशेष रूप से माँ कालरात्रि की पूजा करने का महत्व है। आइए जानते हैं उनके चमत्कारी मंत्र, पूजा विधि और इससे मिलने वाले लाभ।

माँ कालरात्रि के चमत्कारी मंत्र

  1. बीज मंत्र: "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः"

  2. अन्य प्रभावशाली मंत्र: "या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः"

    "ऊँ क्लीं मे हृदयं पातु पादौ श्रीकालरात्रि। ललाटे सततं पातु तुष्टग्रह निवारिणी"

    "क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:"

    "ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गति नाशिन्यै महामायायै स्वाहा"

मंत्र जाप और पूजा से मिलने वाले लाभ

  1. भय और रोगों से मुक्ति: माँ कालरात्रि की उपासना से भक्तों को भय, रोग और सभी संकटों से छुटकारा मिलता है।

  2. सुख-समृद्धि: माता की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि और धन-वैभव का आगमन होता है।

  3. मानसिक और शारीरिक शक्ति: मंत्रों के जप से मानसिक और शारीरिक शक्ति प्राप्त होती है, जिससे आत्मबल बढ़ता है।

  4. नकारात्मक शक्तियों से रक्षा: माँ की कृपा से नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों से बचाव होता है।

नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा विधि

  1. स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माँ कालरात्रि की पूजा का संकल्प लें।

  2. माता को जल, फूल, अक्षत, धूप, दीप, गंध, फल, कुमकुम, सिंदूर आदि अर्पित करें।

  3. गुड़, गुड़ से बनी चीजें या मालपुए का भोग लगाएं, क्योंकि यह माँ कालरात्रि को अत्यंत प्रिय हैं।

  4. अपराजिता या रात की रानी का फूल अर्पित करें।

  5. नीले या काले रंग के वस्त्र धारण करके पूजा करें, क्योंकि यह माँ कालरात्रि का प्रिय रंग है।

  6. रात्रि के समय दीपक जलाकर माता के मंत्रों का जाप करें।

महत्वपूर्ण जानकारी

  • माँ कालरात्रि विद्युत की माला धारण करती हैं, जबकि माता काली नरमुंड की माला धारण करती हैं।

  • माँ कालरात्रि देवी दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं, जबकि माता काली दस महाविद्याओं में से एक हैं।

माँ कालरात्रि की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति के साथ उनकी पूजा करें और इन चमत्कारी मंत्रों का जाप करें। यह न केवल भय, रोग और संकटों से मुक्ति दिलाएगा बल्कि जीवन में शक्ति, आत्मविश्वास और समृद्धि भी लाएगा।

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