नवरात्रि 2025: माँ कूष्माण्डा की आराधना से मिलेगा धन, यश और आरोग्य | Navratri 2025: Maa Kushmanda kee aaraadhana se milega dhan, yash aur aarogy
नवरात्रि 2025: माँ कूष्माण्डा की आराधना से मिलेगा धन, यश और आरोग्य
नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना का सबसे शुभ समय होता है। नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्माण्डा की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को धन, यश और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 2025 का शुभारंभ 30 मार्च 2025, रविवार को होगा और समापन 7 अप्रैल 2025, सोमवार को होगा। माँ कूष्माण्डा की पूजा 2 अप्रैल 2025, बुधवार को विधिपूर्वक करनी चाहिए।
माँ कूष्माण्डा की आराधना का महत्व:
धन, यश और आरोग्य की प्राप्ति - माँ कूष्माण्डा की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
ब्रह्मांड की रचना - मान्यता है कि माँ कूष्माण्डा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति की थी।
सूर्यमंडल में निवास - माँ कूष्माण्डा का निवास स्थान सूर्य के भीतर माना जाता है, जिससे वे भक्तों को ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करती हैं।
रोगों से मुक्ति - उनकी उपासना से समस्त रोग और कष्ट दूर होते हैं।
शक्ति और साहस का प्रतीक - सिंह पर विराजमान माँ कूष्माण्डा शक्ति और साहस की अधिष्ठात्री देवी हैं।
माँ कूष्माण्डा की पूजा विधि:
नीले रंग के वस्त्र - माँ की पूजा में नीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
भोग - माँ को दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाने से धन लाभ होता है।
अन्य भोग -
घी - घी का भोग लगाने से आरोग्य प्राप्त होता है।
केला - केला अर्पित करने से शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
नारियल - मनोकामना पूर्ति के लिए नारियल अर्पण किया जाता है।
मालपुआ - मालपुआ चढ़ाने से बुद्धि, ऐश्वर्य और यश की प्राप्ति होती है।
माँ कूष्माण्डा का मंत्र:
- "सिंहरूढ़ा अष्टभुजा कूष्माण्डा यशस्विनीम्॥ भास्वर भानु निभाम् अनाहत स्थिताम् चतुर्थ दुर्गा त्रिनेत्राम्।"
- "कमण्डलु, चाप, बाण, पद्म, सुधाकलश, चक्र, गदा, जपवटीधराम्॥ पटाम्बर परिधानां कमनीयां मृदुहास्या नानालङ्कार भूषिताम्।"
माँ कूष्माण्डा की आराधना के लाभ:
अखंड ज्योति जलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से समस्त समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै' मंत्र का जाप करने से हर प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।
माँ दुर्गा के 108 नामों का जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
पूजा से पूर्व गणेश जी का ध्यान करना अत्यंत आवश्यक है।
मंत्र जाप और पूजा के तुरंत बाद भोजन ग्रहण न करें।
टिप्पणियाँ